गूगल ने मंगलवार को अपने सालाना डेवलपर कांफ्रेंस I/O 2018 की शुरुआत कर दी है। इस इवेंट ने लगभग 7 हज़ार लोग पहुचे। जहाँ पर कंपनी के सीईओ सुंदर पिचाई ने कांफ्रेंस की शुरुआत करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से लेकर गूगल मैप्स और मशीन लर्निंग तक के बारे में बताय।

तो चलिए डालते है Google I/O 2018 के पहले दिन की कुछ खास खबरों पर:

सेल्फ ड्राइविंग कार में आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (Google AI)

कांफ्रेंस की शुरुआत में ही कंपनी ने अपने गूगल रिसर्च डिवीज़न को गूगल AI के रूप में पेश करा जिस से यह साफ़ हो जाता है की कंपनी भविष्य में कंप्यूटर विज़न और नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेस पर काफी ध्यान देने वाली है।

File:Waymo Chrysler Pacifica in Los Altos, 2017.jpg
इमेज क्रेडिट : विकिपीडिया

इसी के बाद कंपनी ने Waymo के द्वारा अपनी सेल्फ ड्राइविंग कार पर किये जा रहे काम की भी चर्चा की। Waymo CEO Jhon Krafcik ने बताया की किस प्रकार AI के इस्तेमाल के बाद पैदल यात्री की पहचान में गलती की दर को 100x तक कम कर दिया है तथा कैसे वाहन धीरे हो जाता है जब कोई अन्य वाहन रेड-लाइट को पार करता है।

गूगल अस्सिस्टेंट को मिली 6 नयी आवाज और बेहतर समझ

गूगल ने यहाँ घोषणा की है की वह आने वाले दिनों में गूगल असिस्टेंट को और बेहतर बनायेंगे जिससे गूगल अस्सिस्टेंट की आवाज को और प्राकर्तिक बनाने को कोशिश करेंगे। आने वाली कुछ हफ्तों में कंपनी एक नया फीचर पेश करेगी जिसके माध्यम से आप एक ही बार में 1 या 1 से अधिक सवाल पूछ सकेंगे।

यह काफी आकर्षक रहेगा क्योकि हर बार आपको किसी भी बात से पहले OK Google कहना पड़ता है जो थोडा अटपटा लगता है जिसके लिए कंपनी यह नया फीचर पेश करने वाली है जिसके बाद आपको सिर्फ एक बार OK Google कहना पड़ेगा और प्रकिया खत्म होने तक आप नेचुरल बातचीत कर सकते है।

गूगल फोटो और गूगल लेंस को मिला बेहतर AI सपोर्ट

गूगल फोटो अभी भी एक आकर्षक एप्लीकेशन है जिसमे आपको बिल्ट-इन एडिटिंग टूल्स और AI आधारित फीचर दिए गये है। लेकिन अब कंपनी जल्द ही गूगल फोटोज को और भी अधिक AI आधारित बनाने वाली है जिसके आबाद आपको काफी आकर्षक फीचर मिलेंगे जैसे आपके इमेज में सब्जेक्ट को कलर तथा बैकग्राउंड को ब्लैक एंड वाइट करना, पुरानी मोनोक्रोम फोटोज को मशीन लर्निंग द्वारा कलर इमेज में परिवर्तित करना जैसी सुविधाए शामिल होंगी।

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गूगल लेंस में भी कंपनी अब और अधिक AI का इस्तेमाल करेंगी। जिसके द्वारा अब आप मशीन लर्निंग के माध्यम से और भी सटीक जानकारी प्राप्त कर पाएंगे। कंपनी अलगे हफ्ते से कुछ चुंनिंदा फ़ोनों में यह नए फीचर रोल-आउट करेगी जिसके बाद गूगल लेंस के माध्यम से आप आप पोस्टर्स या किताबों में लिखे शब्दों को कॉपी करके अपने स्मार्टफोन में ला सकते हैं गूगल लेंस नए अपडेट के साथ शब्दों को पहचान सकते हैं और इसके आलावा एक आकर्षक फीचर “स्टाइल पिक” भी दिया जायेगा जिसकी  मदद से आप किसी ऑब्जेक्ट, कपड़ों के स्टाइल को मैच कर सकते हैं।

गूगल मैप्स और गूगल अस्सिस्टेंट एक साथ

गूगल मैप्स कंपनी का सबसे आकर्षक और उपयोगी प्रोडक्ट है इसी को बेहतर बनाने के लिए कंपनी लगातार कुछ न कुछ रिसर्च करती ही रहती है इसी क्रम में कंपनी द्वारा घोषणा की गयी है की जल्दी ही आपको गूगल मैप्स में गूगल अस्सिस्टेंट सपोर्ट दिया जायेगा जिसके बाद यूजर को काफी बेहतर तरीके से गूगल मैप्स को उपयोग करने की सुविधा मिल जाएगी।

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गूगल पहले से गूगल मैप्स को और बेहतर और प्राक्रतिक बनाने के लिए काम कर रहा है जिस कारण गूगल माप अब सिर्फ रास्ता बताने वाली एप्लीकेशन नहीं रह गयी है। इसी दिशा में कंपनी एक नया फीचर पेश करने वाली है जिसमे अब गूगल मैप्स को आपके फोन के कैमरे, कंप्यूटर विज़न टेक्नोलॉजी और स्ट्रीट व्यू जोड़ दिया गया है। जिसके बाद इस मैप और कैमरा कॉम्बिनेशन से माध्यम से आप गूगल लेंस का उपयोग करके बिल्डिंग पहचान सकते है और उसपर लिखे टेक्स्ट को भी पहचान सकते है।

एंड्राइड P (बीटा वर्जन)

गूगल के अपने एंड्राइड ऑपरेटिंग सिस्टम को लगभग 10 साल हो गये है और इतने सालो से कंपनी हाल कुछ छोटे डिजाईन बदलाव के साथ हमको एक नया वर्जन पेश करती है। इसी पैटर्न के तहत कंपनी ने I/O 2018 ममे अपने नए ऑपरेटिंग सिस्टम वर्जन एंड्राइड P के बीटा वर्जन को कुछ चुनिदा यूजर के लिए पेश कर दिया है जो इसको डाउनलोड करके सार्वजानिक होने से पहले ही इस्तेमाल कर सकते है।

एंड्राइड P का बीटा वर्जन Pixel डिवाइस और कुछ अन्य ब्रांड जैसे Nokia, Vivo, OnePlus, Xiaomi, Sony, और Oppo आदि में भी दिया जा सकता है जिसके लिए कंपनी थर्ड-पार्टी डेवलपर के साथ साझेदारी भी कर सकती है।

यहाँ पर कुछ नए और आकर्षक फीचर दिए जायेंगे जैसे Android P में SUSH नाम का फीचर दिया गया है जो डु-नॉट डिस्टर्ब को शुरू कर देता है। इस दौरान डिस्प्ले पर किसी तरह के नोटिफिकेशन्स नहीं दिखेंगे। एंड्रॉयड में सिक्योरिटी को भी बेहतर किया गया है।रोटेशन को बदल दिया गया है।

रोटेशन लॉक होने के बावजूद किसी ऐप में आपको एक आइकॉन मिलेगा जिसे यूज करके किसी भी समय उस ऐप को लैंड्स्केप कर सकते हैं. Android P में iPhone X जैसा ही जेस्चर सपोर्ट दिया गया है। कंपनी ने इसे स्वाइप-अप जेस्चर नाम दिया है।

गूगल न्यूज़ को मिला नया AI आधारित री-डिजाईन

गूगल न्यूज़ को AI आधारित बनाकर और भी बेहतर तरीके से पेश किया गया है जो अब यूजर को एक काफी पर्सनल एक्सपीरियंस देगा।नए AI आअधरित गूगल न्यूज़ में आपको मटेरियल थीम और न्यूज़ पढने का बेहतर तरीका दिया गया है। अब एप्लीकेशन में सबसे ऊपर 5 नए आर्टिकल की हेडलाइंस दी गयी होंगी जो आपकी पसंद के अनुसार दिखाई जाएँगी। यह एप्लीकेशन अब गूगल डिजिटल मैगज़ीन एप्प, न्यूज़स्टैंड और यूट्यूब का भी लाभ उठाने के साथ-साथ Newscasts और Full Coverage जैसे नए विकल्प के साथ पेश होगा।

स्मार्ट डिस्प्ले

उपयोगकर्ता अपने रहने वाले कमरे में बैठे कुछ स्मार्ट डिवाइस के विचार से आदी हो रहे हैं जो उनके सवालों का जवाब देंगे। जिसके लिए कंपनी अब Amazon Echo Spot और Echo Show से मुकाबले के लिए इसी साल जुलाई में अपनी स्मार्ट डिस्प्ले युक्त डिवाइस पेश करेगा जिसमे आपको गूगल अस्सिस्टेंट सपोर्ट भी दिया जायेगा। CES 2018 में पहली बार स्मार्ट डिस्प्ले के बारे में बताया गया था और अब कंपनी स्मार्ट स्क्रीन के साथ ही स्मार्ट होम नियंत्रण भी पेश कर रहा है। स्मार्ट डिस्प्ले के माध्यम से कंपनी यूजर को एक ऐसी सुविधा देने जा रही है जिसमे किसी सवाल के जवाब में आपको सिर्फ वौइस आउटपुट पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और आपको स्क्रीन पर कुछ आउटपुट भी दिखाई देगा जो आपके एक्सपीरियंस को और बेहतर कर देगा। यहाँ पर इस प्रकिया में वौइस् डिपार्टमेंट गूगल अस्सिस्टेंट द्वारा तथा विसुअल डिपार्टमेंट यूट्यूब द्वारा संभाला जायेगा।

Gmail को मिला प्रेडिक्शन टेक्स्ट फीचर

गूगल ने Gmail के लिए एक नए और काफी आकर्षक फीचर की घोषणा की गयी है जिसको नाम दिया गया है स्मार्ट कंपोज़। जैसा की नाम से ही पता चलता है स्मार्ट कंपोज़ रिप्लाई के लिए प्रेडिक्टिव टेक्स्ट एनालिसिस का इस्तेमाल करता है जो आपके द्वारा टाइप किये जाने वाले टेक्स्ट की पहचान करता है और आपके टेक्स्ट को पहले ही ऑटो-फिल कर देता है। यह मुख्य रूप से मेल में एड्रेस लाइन को लिखने में काफी सहायक होगा।

Gboard को मिला मोर्स कोड सपोर्ट

गूगल के सबसे लोकप्रिय Gboard कीबोर्ड में मोर्स कोड इनपुट सपोर्ट देने की घोषणा की है. इस कार्यान्वयन के लिए, Google ने तानिया फिनलेसन की कहानी से प्रेरणा ली जिसने मोर्स कोड का इस्तेमाल लोगों से लिखने और उनसे जुड़ने के लिए किया।

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