मोबाइल फ़ोन ब्लास्ट के किस्से नए नहीं हैं। अक्सर देश के अलग अलग हिस्सों से ये खबरें आती रहती हैं, लेकिन इस बार मोबाइल फोन ब्लास्ट होने से एक मासूम 8 महीने की बच्ची की जान चली गयी। ये मामला भारत में उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में स्थित एक गाँव का है, जहां एक किसान ने अपना फ़ोन चार्ज करने के लिए छप्पर में रखा और उसमें अचानक ब्लास्ट होते ही, वो वहीँ सो रही उसकी बच्ची के बिस्तर पर जा गिरा। जब तक वो बच्ची को बचाते, बिस्तर में लगी आग से उस बच्ची का आधा बदन जल चुका था। इसके बाद जिला अस्पताल में उस बच्ची ने दम तोड़ दिया।

और अभी दो-तीन पहले ही, दिल्ली में भी एक महिला की मोबाइल ब्लास्ट के कारण ही मौत हो गयी। इस तरह के हादसों से ये तो तय है कि मोबाइल फ़ोन पूरी तरह से सुरक्षित नहीं हैं। इनसे चार्जिंग के दौरान या बाद में भी ब्लास्ट होने की सम्भावना रहती है। लेकिन इस ब्लास्ट का कारण कई बार हमारी अपनी गलतियाँ भी होती हैं, जिन पर अगर गौर किया जाये, तो आप अपनी सुरक्षा कर सकते हैं।

इन गलतियों को करने से बचें, तो फ़ोन ब्लास्ट में नहीं जाएगी किसी की जान

मोबाइल फोनों में बैटरी में ही ब्लास्ट होता है और अधिकतर चार्जिंग के दौरान ही ये ब्लास्ट होने की घटनाएं सामने आयी हैं। हालांकि हर कंपनी का कहना तो यही है, कि वो अपने प्रोडक्ट की कई बात टेस्टिंग करते हैं और यूज़र की सेहत को देखते हुए, इनकी क्वॉलिटी का भी पूरा ध्यान रखा जाता है, लेकिन फिर भी ब्लास्ट होते ही जा रहे हैं, जिनका कारण आखिरकार बाहरी कारकों या यूज़र की ही किसी गलती को बता दिया जाता है। ऐसे में हमारी सरकार को भी इन वाक्यों को देखते हुए, थोड़ा सख्ती बरतनी चाहिए। साथ ही आपको भी कुछ काम करने से जिससे मोबाइल फोन ब्लास्ट जैसी घटनाओं से आप अपने आप को सुरक्षित रख सकते हैं।

फूली हुई बैटरी के साथ फ़ोन इस्तेमाल ना करें

ये बहुत ही ज़रूरी बात है, जिस पर आपको ध्यान देना चाहिए। पुराने फोनों में समय के साथ साथ उनकी बैटरी फूलने लगती है और रियर पैनल भी उसके कारण बाहर की तरफ मुड़ जाता है। ऐसा दीखते ही, तुरंत ऐसे फ़ोन का इस्तेमाल बंद कर दें और उसे चार्ज ना करें। अगर आपको फ़ोन के आकार में कहीं से कोई भी बदलाव दिखे, तो ये खतरनाक हो सकता है। ऐसे में तुरंत इसे सर्विस सेंटर पर दिखाएं या नए फ़ोन के साथ बदल लें।

रात भर चार्जिंग पर ना छोड़ें फ़ोन

अपने स्मार्टफोन को रात भर चार्जिंग पर लगाकर न छोड़ें और ख़ासकर अपने बिस्तर या सिरहाने तो बिलकुल चार्ज ना करें। साथ ही फ़ोन को थोड़ा सा डिस्चार्ज होते ही, बार-बार चार्जिंग पर ना लगाएं। इस तरह की आदतों से अक्सर फ़ोन की बैटरी खराब हो जाती है।

टूटे हुए फ़ोन का इस्तेमाल भी हो सकता है खतरनाक

ऐसा फ़ोन कभी इस्तेमाल ना करें, जो कहीं कोनों या फ्रेम से टूटा हुआ हो। ऐसे में फ़ोन के अंदर के कंपोनेंट्स तक और बैटरी में पानी या पसीना जाने के आसार होते हैं, जिससे अंदर के पार्ट्स में केमिकल रिएक्शन के कारण शार्ट सर्किट या अन्य तरह की खराबी हो सकती है, जिनसे फ़ोन फट सकता है। के कारण हो सकता है।

केवल ओरिजिनल चार्जर का इस्तेमाल करें

अभी तक लॉन्च हुए ज़्यादातर स्मार्टफोनों के साथ चार्जर मिलते हैं। अपने स्मार्टफोनों को उन्हीं चार्जरों से चार्ज करें। बाज़ार में उपलब्ध 100-200 रूपए के लोकल चार्जरों से भी फ़ोन की बैटरी की सेहत खराब होती है। अगर फ़ोन के साथ चार्जर नहीं आता, तो जिस कंपनी का फ़ोन है, उसी का ओरिजिनल चार्जर खरीद सकते हैं।

लोकल या टूटी हुई केबल का इस्तेमाल ना करें

अक्सर हम किसी भी चार्जर के साथ कोई भी केबल लगाकर फ़ोन को चार्ज कर लेते हैं। ऐसे में फ़ोन की बैटरी के ज़्यादा हीट होने की सम्भवना रहती है। ओरिजिनल चार्जर के साथ ओरिजिनल केबल, जो कहीं से भी टूटी हुई ना हो, उसी का इस्तेमाल करें। कोशिश करें कि किसी अन्य ब्रैंड के चार्जर या केबल का मिक्स-मैच ना करें।

लोकल बाज़ार से न डलवाएं फ़ोन में बैटरी

अगर आपके स्मार्टफोन की बैटरी जल्दी जा रही है, चार्ज नहीं हो रही है या कैसे भी खराब हो गई है, तो इसे स्मार्टफोन ब्रैंड के सर्विस सेंटर पर जाकर ही ओरिजिनल बैटरी से बदलवाएं। बाज़ार में मौजूद लोकल रिपेयर सेंटर से बैटरी नहीं बदलवानी चाहिए।

इस्तेमाल के दौरान तापमान का भी रखें ध्यान

स्मार्टफोनों की बैटरी एक सीमित टेम्परेचर तक काम करने के अनुसार ही बनायी जाती है। इसीलिए बहुत अधिक गर्मी में फ़ोन को ज़्यादा देर इस्तेमाल करना भी सही नहीं है। ख़ासकर जिस तरह की गर्मी भारत में पड़ती है। लगातार फ़ोन को बहुत ज़्यादा तापमान में इस्तेमाल करने से भी इसके बैटरी परफॉरमेंस पर असर पड़ता है। फ़ोन को सूरज की तेज़ रौशनी में लगातार कान पर रखना सही नहीं है। साथ ही चार्जिंग के दौरान भी फ़ोन थोड़ा ग्राम होता है, तो उस समय कॉलिंग करने से बचना चाहिए। इसके अलावा अगर हैवी गेमिंग के दौरान फ़ोन ज़्यादा हीट हो, तो उसे रख देना ही उचित है।

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