एक बार फिर WhatsApp चर्चा में है और क्यों न हो, आजकल WhatsApp मैसेजिंग ऐप किसी भी क्राइम में अहम भूमिका निभा रही है और केस से सम्बंधित व्यक्तियों की चैटिंग, पुलिस को काफी मददगार भी साबित हो रही है। इस समय के सबसे चर्चित मुंबई ड्रग केस, जिसमें बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख़ खान के बेटे आर्यन खान और अभिनेत्री अनन्या पांडे के नाम शामिल हैं, में भी इन दोनों की WhatsApp चैटिंग ही, इस केस की जांच को दिशा दे रही है। इससे पहले सुशांत राजपूत के केस में रिया चक्रवर्ती की लीक हुई WhatsApp चैट ने भी केस में काफी मदद की थी। लेकिन इससे WhatsApp ऐप में चैटिंग के एन्ड-टू-एन्ड एन्क्रिप्टेड होने और आपके मैसेज या मीडिया फाइल को ऐसे ही कोई नहीं देख सकता का जो दावा है, उस पर काफी सवाल खड़े हो जाते हैं।

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इस नए केस में NCB को जो आर्यन खान और अनन्या पांडे की WhatsApp चैटिंग मिली है, उसने पूरे बॉलीवुड को सख्ते में डाल दिया है। क्या वाकई में WhatApp पर जो मैसेज, तस्वीरें, या अन्य फाइलें हम भेजते हैं, उन्हें कोई भी देख सकता है, यदि हाँ तो WhatApp का एन्क्रिप्टेड चैट का दावा गलत है। इसी प्रश्न के चलते बॉलीवुड इंडस्ट्री में कई लोग अब अपने फ़ोन को साफ़ करने या कहें कि उसमें से ऐसे मैसेज, और तस्वीरें जो उनकी प्राइवेसी के लिए हानिकारक हैं, को पूर्ण रूप से डिलीट करवाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन क्या ये वाकई में हो सकता है? क्या हम आसानी से WhatApp को चैट को पूर्ण रूप से यानि कि पर्मानेंट डिलीट कर सकते हैं ? आइये इसका जवाब जानने की कोशिश करते हैं।

WhatsApp दावा करता है कि उसका प्लेटफॉर्म पूरी तरह से सिक्योर या सुरक्षित है। लेकिन फिर भी जो कुछ हो रहा है, उसमें लोग अपने डाटा को डिलीट कर रहे हैं। लेकिन कोई ट्रेस न रहे और पूर्ण रूप से सभी मैसेज या फाइलें डिलीट हो जाएं, ये थोड़ा कठिन है।

फिजिकल या इंटरनल स्टोरेज और क्लाउड स्टोरेज से डिलीशन

अपने फ़ोन में से डाटा को डिलीट करने के कई तरीके हैं, जिनमें से सबसे मुख्य और प्रचलित है फ़ोन या डिवाइस को फैक्ट्री रीसेट करना। इसके अलावा फ़ोन में से मैन्युअली सब कुछ डिलीट करना और फिर क्लाउड स्टोरेज से डाटा हटाना। प्रत्येक फ़ोन एक जैसा नहीं होता, फैक्ट्री रीसेट के बाद भी फ़ोन अलग-अलग तरीके से डाटा हटाते हैं और कई बार कुछ डाटा रह भी जाता है।

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इंटरनल स्टोरेज से डाटा को हटाना

चाहे कोई भी डिवाइस हो, स्मार्टफोन, लैपटॉप या टैबलेट, एक इंटरनल स्टोरेज मिलती है और एक क्लाउड स्टोरेज। ये डिवाइस किसी भी फाइल को दोनों जगह पर रखते हैं और डिलीट करने पर भी, कोई भी फ़ाइल एक महीने तक फ़ोन में सेव रहती है, जहां से आप उसे चाहें तो वापस फाइल को स्टोरेज में ले सकते हैं, और अगर ना चाहें तो महीने भर बाद वो स्वत: ही परमानेंटली डिलीट हो जाती है। लेकिन ये ध्यान देने वाली बात है, कि डिलीट करने के बाद भी, तस्वीरें, चैट या अन्य फाइल, तुरंत डिलीट नहीं होती। लेकिन तुरंत डिलीट करने के और तरीके हैं, आइये उन पर चर्चा करते हैं।

सभी टेक्नोलॉजी कंपनियां आपको तुरंत डाटा डिलीट करने का विकल्प नहीं देती हैं। किसी भी फ़ोन को ले लीजिये, उनमें कोई ट्रैश या बिन (trash or bin) फोल्डर अवश्य होता है। आप जो भी डिलीट करते हैं, वो मुख्य स्टोरेज से हटकर इन फ़ोल्डरों में चला जाता है। अगर आपका मन बदले और आप अपनी फाइल को वापस स्टोर करना चाहें, तो यहां से कर सकते हैं और अगर नहीं, तो आप इसे मैन्युअली परमानेंटली डिलीट का विकल्प चुनकर ही डिलीट कर पाएंगे। यानि कि किसी भी फाइल को डिलीट करने के लिए आपको पहले स्टोरेज और फिर ट्रैश फोल्डर, दोनों में से डिलीट करना होगा।

लेकिन इसके बाद भी फॉरेंसिक टूल या कंपनियों द्वारा आपके डाटा को रिकवर किया जा सकता है। इसके पूर्णत: डिलीट करने और सुनिश्चित करने के लिए ये ज़रूरी है कि स्टोरेज में से डाटा डिलीट करने के बाद आप स्टोरेज को किसी भी साधारण डाटा से ओवरराइट करें।

इसका सीधा अर्थ यही है, कि जो फाइल आप डिलीट करते हैं, उन्हें भी महीने भर तक आपके फ़ोन में से रिकवर किया जा सकता है। इसी तरह Gmail जैसी एप्लीकेशन भी आपके द्वारा डिलीट किये गए मेल को 30 दिन तक ट्रैश फोल्डर में ही रखती हैं, और उसके बाद ही वो डिलीट होते हैं।

क्लाउड स्टोरेज से डाटा हटाना

क्लाउड स्टोरेज में Google Drive, iCloud, OneDrive जैसी जगहों पर आपका डाटा स्टोर होता है। जिन स्मार्टफोनों में इंटरनल मेमोरी कम होती है, वहाँ क्लाउड स्टोरेज का काम आता है। अगर आपका स्मार्टफोन भी क्लाउड स्टोरेज का उपयोग कर रहा है, तो फ़ोन में से डाटा डिलीट करने के बाद भी यहां से डाटा को रिट्रीव किया जा सकता है।

इसके अलावा क्लाउड स्टोरेज से भी मैन्युअली डाटा डिलीट कर करने के बाद, कई दिनों तक आपके रिकवरी का विकल्प मिलता है। आप जो भी फ़ाइल क्लाउड स्टोरेज से हटाते हैं, उसे ‘Recently Deleted’ फोल्डर से भी तुरंत हटाना जरूरी है। फ़ोन में से पूर्णत: डाटा को डिलीट करना या हटा पाना, उतना सरल कार्य भी नहीं है। कोई भी कंपनी आपको ये दावा नहीं करती कि वो अपने स्मार्टफोन के ज़रिये अपने एन्ड पर आपके डाटा को स्टोर नहीं कर रही है।

Factory Reset (फैक्ट्री रीसेट) करना

माना जाता है कि डाटा को पूरी तरह से डिलीट करने के लिए फैक्ट्री रीसेट भी काफी अच्छा विकल्प है और कंपनियां भी यही मानती हैं। फैक्ट्री रीसेट करने पर आपका फ़ोन बिलकुल वैसा हो जाता है, जैसे वो बनकर फैक्ट्री से बाहर आया था, यानि कि पूरी तरह से खाली। इससे आपके फ़ोन का सारा डाटा डिलीट हो जाता है। यहां तक कि फ़ोन में फिर से आईडी के साथ लॉग-इन करके आपको भाषा, फॉण्ट, अकाउंट, नेटवर्क, फिर से सेट करने पड़ते हैं।

फैक्ट्री रीसेट करने के बाद, आपके फ़ोन में पहले जो डाटा था, उसे कहीं से भी दुबारा रिट्रीव नहीं किया जा सकता। लेकिन स्मार्टफोन कपनियों की तरफ से भी वो दोबारा रिट्रीव नहीं किया जा सकता, इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती।

लेकिन अगर आप नए फ़ोन में या फैक्ट्री रिसेट करने के बाद, अपना पुराना क्लाउड स्टोरेज इसमें इस्तेमाल करते हैं, तो पुरानी क्लाउड स्टोरेज का डाटा इसमें ज़रूर आएगा। तो कुल मिलाकर, सभी तरफ से और पूरी तरह से डाटा को डिलीट कर पाना, वाकई एक मुश्किल काम है।

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