Samsung आज (22 जुलाई) लंदन में अपने Galaxy Unpacked इवेंट में Galaxy Z Fold 8 सीरीज़, यानी Galaxy Z Fold 8 और Galaxy Z Fold 8 Ultra, साथ ही Z Flip 8 और Watch 9 सीरीज़ से पर्दा उठा रहा है। भारत में इनकी कीमत भी आज शाम को ही सामने आ जाएगी। खास बात यह है कि Samsung का यह फोल्डेबल अब अपनी 8वीं पीढ़ी तक पहुँच चुका है, यानी पूरे आठ साल का सफर।
(ये ज़रूर ध्यान रखें: इस बार Fold 7 का सीधा उत्तराधिकारी Galaxy Z Fold 8 Ultra है, यानी ‘Ultra’ नाम अब इसी मुख्य मॉडल के साथ जुड़ गया है, जबकि सादा Galaxy Z Fold 8 एक नया, पहले से ज़्यादा चौड़ा मॉडल है।)
इन आठ सालों में कंपनी ने फोल्डेबल फोन की कई शुरुआती शिकायतों को कंपनी ने दूर करने की गंभीर कोशिश की है। पहली पीढ़ी का कमज़ोर, चरमराता हिंज अब बेहद स्मूद और मज़बूत हो चुका है, फोन पहले से पतले और हल्के हो गए हैं, इनर डिस्प्ले ज़्यादा ब्राइट और टिकाऊ है, कभी पानी से पूरी तरह असुरक्षित रहने वाले इन फोन्स को अब IP रेटिंग मिलने लगी है, और बीच में दिखने वाली क्रीज़ को भी हर साल थोड़ा-थोड़ा कम किया गया है। इस बार तो Samsung ने डिज़ाइन को और चौड़ा कर नए हिंज मैकेनिज़्म तक का दावा किया है।
लेकिन इतने सुधारों के बावजूद कंपनी अपने फोल्डेबल फोन की कुछ बुनियादी सीमाओं का हल आज तक नहीं निकाल पाई है। ये वो कमज़ोर कड़ियाँ हैं जिनकी वजह से फोल्डेबल आज भी आम खरीददार की पहली पसंद नहीं बन पाए, भारत में तो इनका बाज़ार अब भी बेहद छोटा है। आइए जानते हैं कि 8वीं पीढ़ी में आने के बाद भी Fold 8 सीरीज़ और फोल्डेबल फोन आखिर किन 5 सवालों का जवाब नहीं दे पाए।

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1. कीमत, तकनीक सस्ती होने के बजाय दाम बढ़े ही हैं
तकनीक आमतौर पर वक़्त के साथ सस्ती होती जाती है, पर फोल्डेबल के साथ ऐसा नहीं हुआ। लीक के मुताबिक Galaxy Z Fold 8 Ultra की शुरुआती कीमत करीब $2,099 बताई जा रही है, यानी Fold 7 के $1,999 से करीब $100 ज़्यादा। यह Samsung का अब तक का सबसे महँगा मेनस्ट्रीम फोल्डेबल होगा। वहीं नया, ज़्यादा चौड़ा Galaxy Z Fold 8 करीब $1,899 से शुरू होने की खबर है। कुल मिलाकर आठ साल बाद भी फोल्डेबल एक आम फ्लैगशिप से लगभग दोगुने दाम पर टिके हुए हैं। भारत में यह कीमत करीब ₹1.75 लाख से ₹2 लाख तक जा सकती है (पक्के आँकड़े आज शाम लॉन्च पर आएंगे)। सवाल वही है, जब आधी कीमत में शानदार स्लैब फ्लैगशिप मिल रहा है, तो इतना पैसा सिर्फ मुड़ने वाली स्क्रीन के लिए?

2. क्रीज़ 8 साल बाद भी पूरी तरह नहीं गई
फोल्डेबल की सबसे पुरानी शिकायत, यानी डिस्प्ले के बीच दिखने वाली क्रीज़, आज भी पूरी तरह हल नहीं हुई है। Samsung ने नए हिंज से इसे और कम किया है और खबरों के मुताबिक Fold 8 सीरीज़ इस मामले में Oppo के काफी करीब पहुँच गई है, लेकिन Oppo की Find सीरीज़ ने क्रीज़ को लगभग अदृश्य करने में अब भी बढ़त बना रखी है। ₹1.75 लाख से ऊपर के एक फोन में, जब सस्ते विकल्प इस लकीर को लगभग मिटा चुके हों, तो इसका बचा रहना खटकता है। अब देखना है कि या Fold 8 में से ये क्रीज़ लगभग गायब होता है या नहीं।

3. धूल से सुरक्षा नहीं मिली
Samsung ने फोल्डेबल को पानी से बचाना तो सीख लिया, पर धूल आज भी इनका सबसे बड़ा दुश्मन है। Galaxy Z Fold 7 को सिर्फ IP48 रेटिंग मिली थी, यानी पानी से सुरक्षा, लेकिन बारीक धूल के कण हिंज में घुसने का खतरा बरकरार है। रिपोर्ट्स के मुताबिक Fold 8 सीरीज़ भी इसी IP48 पर टिकी है, फुल IP68 तक नहीं पहुँची। दिलचस्प यह है कि पूरी IP68 सुरक्षा (धूल और पानी दोनों से) देने वाला पहला फोल्डेबल Samsung नहीं, बल्कि Google का Pixel 10 Pro Fold बना। भारत जैसी धूल भरी और मॉनसून वाली परिस्थितियों में यह कमज़ोरी सीधे फोन की उम्र पर असर डालती है।
4. ऐप ऑप्टिमाइज़ेशन, बड़ी स्क्रीन तो मिली, पर आधे ऐप उसका इस्तेमाल ही नहीं करते

फोल्डेबल का सबसे बड़ा आकर्षण है उसकी बड़ी, टैबलेट जैसी इनर स्क्रीन है, लेकिन आज भी Instagram समेत कई पॉपुलर ऐप इस चौड़ी स्क्रीन के लिए ऑप्टिमाइज़ नहीं हुए हैं। नतीजा यह कि ऐप आधी स्क्रीन पर चलता है और बाकी हिस्सा काली पट्टी (लेटरबॉक्स) बनकर रह जाता है। Google अब Android 16 और 17 के ज़रिए डेवलपर्स को ऐप को रिसाइज़ेबल बनाने पर मजबूर कर रहा है, पर यह बदलाव अभी अधूरा है और पूरी तरह लागू होने में वक़्त लगेगा। यानी ₹1.75 लाख खर्च करने के बाद भी उस बड़ी स्क्रीन का पूरा फायदा नहीं मिल पाता।
5. रिपेयर का खर्च और रीसेल वैल्यू, टूटा तो जेब खाली, बेचा तो आधे दाम
फोल्डेबल रखना महँगा ही नहीं, इसे बनाए रखना भी महँगा है। फोल्डिंग डिस्प्ले का रिपेयर वारंटी के बाहर करीब $400 से $600 (₹35,000 से ₹50,000+) तक पड़ता है, और भारत में थर्ड-पार्टी रिपेयर का सपोर्ट भी सीमित है। इसके अलावा रीसेल में भी नुकसान है, रिपोर्ट्स के मुताबिक Samsung की Z-सीरीज़ 2 साल बाद अपनी सिर्फ 45 से 55% वैल्यू ही रख पाती है, जो आम फ्लैगशिप के मुकाबले काफी कम है। यानी खरीदते वक़्त भी झटका, और बेचते वक़्त भी।
तो क्या Fold 8 सीरीज़ खरीदना समझदारी है?
हमारे अनुसार, इसमें कोई शक नहीं कि Galaxy Z Fold 8 सीरीज़ तकनीकी रूप से Samsung की अब तक की सबसे बेहतरीन फोल्डेबल पेशकश है। लेकिन ऊपर की ये 5 सीमाएँ साफ बताती हैं कि 8वीं पीढ़ी तक पहुँचने के बाद भी फोल्डेबल फोन “हर किसी का फोन” नहीं बन पाया है। यह आज भी उन नई तकनीक के शौकीनों और गैजेट-प्रेमियों के लिए है जिनके पास बजट की तंगी नहीं है। आम भारतीय खरीददार के लिए, जो वैल्यू और भरोसे को अहमियत देता है, आधी कीमत का एक दमदार स्लैब फ्लैगशिप अब भी ज़्यादा समझदारी भरा सौदा लगता है।

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