Image Source: Unsplash

दिल्ली सरकार ने डीज़ल पर चलने वाली गाड़ियों के मालिकों के लिए एक बड़ी घोषणा की है। शायद आप जानते ही होंगे कि National Green Tribunal (NGT) के 2015 में पास हुए आर्डर के अनुसार, दिल्ली में 10 साल पुरानी डीज़ल गाड़ियों को चलाना मना है। लेकिन अब परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत की नयी घोषणा के बाद, जिन लोगों की डीज़ल कार 10 साल पुरानी है, लेकिन अच्छी हालत में है, वो उसे इस तरीके से फिर से सड़क पर ला सकते हैं।

दिल्ली सरकार एक ऐसा रास्ता लेकर आयी है, जिसके साथ आप NGT दके इस बैन या रोक से छुटकारा पा सकते हैं।

ये पढ़ें: इलेक्ट्रिक स्कूटर और कारों पर केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा मिल रही सब्सिडी: जानें किस राज्य में मिलेगी कितनी सब्सिडी

तो, अगर आपके पास भी डीज़ल कार है, तो आप भी बिजली के साथ, सड़कों पर उसे दौड़ा सकते हैं। दूसरे शब्दों में आपको आपके डीज़ल इंजन को बदलकर उसमें इलेक्ट्रिक इंजन फिट करना होगा। गाड़ी के इंजन को ज़ीरो-एमिशन इलेक्ट्रिक सेटअप में बदलकर आप अपनी इस डीज़ल से इलेक्ट्रिक कार बनी सवारी को दिल्ली में दौड़ा सकते हैं। आइये आपको बताते हैं कि ये आखिर कैसे होगा –

डीज़ल कार को इलेक्ट्रिक कार में कैसे बदलें

इससे पहले कि हम आपको रेट्रोफिटिंग के तरीके के बारे में बताएं, जानना ज़रूरी है कि प्रत्येक वाहन/कार को एक अलग ICE व्हीकल रेट्रोफिटिंग किट मिलेगा। आपकी गाड़ियों में से पुराने डीज़ल को निकालकर, ये ICE व्हीकल रेट्रोफिटिंग किट, गाड़ियों में पेशेवर (प्रोफेशनल) लोगों द्वारा ही लगाई जाएँगी। ये प्रोफेशनल कर्मचारी इस किट को बनाने वाली कंपनियों या सप्लाई करने वाले कंपनियों द्वारा प्रमाणित होंगे।

साथ ही यहां कोई भी इस किट का निर्माणकर्ता नहीं बन सकता, क्योंकि इसके लिए भी सरकार द्वारा प्रामाणिकता आवश्यक है। दिल्ली सरकार का कहना है कि वो जल्दी ही इस किट को बनाने वालों की एक सूची /लिस्ट जल्दी ही शेयर करेंगी।

ये पढ़ें: ये हैं भारत में उपलब्ध बेहतरीन बैटरी पर चलने वाली (electric vehicle) गाड़ियां

इस सबके बाद इन आसान स्टेप्स के साथ आप अपनी पुरानी डीज़ल गाडी में ये नया रेट्रोफिट करवा सकते हैं।

1. सबसे पहले आपकी डीज़ल कार के सभी ICE कॉम्पोनेन्ट जैसे कि – इंजन, फ्यूल टैंक, एग्ज़ॉस्ट और ड्राइवट्रैन हटाए जायेंगे। और अब उसमें चैसिस (chassis), लोअर आर्म (lower arm), और बाकी कुछ चीज़ें बचेंगी।

2.  इसके बाद आपकी इस गाड़ी में सबसे पहले इलेक्ट्रिक मोटर इनस्टॉल की जाएगी और साथ ही बैटरी, पावर कंट्रोलर, रिचार्जिंग सिस्टम, हाई-वोल्टेज वायरिंग सर्किट और बाकी कुछ महत्वपूर्ण चीज़ें।

लेकिन साथ ही ज़रूरी है कि आप इस डीज़ल कार से EV कार में अपग्रेड करने का खर्चा भी जान लें। फिलहाल अलग-अलग गाड़ियों के अनुसार इसमें 1 लाख से 4 लाख तक का खर्चा आता है। लेकिन यहां ये ज़रूर याद रखें कि इस खर्च के बाद आपको एक लम्बे समय के लिए डीज़ल का खर्चा नहीं करना पड़ेगा, जो कि शयद इससे ज़्यादा ही होगा।

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here