एक नज़र में :
- CMF अब Nothing की सब-ब्रांड नहीं रहेगी, ये एक अलग कंपनी बन रही है जिसमें बहुमत हिस्सेदारी भारतीय शेयरधारकों के पास होगी।
- इसका मुख्यालय भारत में होगा, और अपनी लोकल टीम के साथ रिसर्च एंड डेवलपमेंट का काम भी यहीं से चलेगा।
- नए ढांचे के तहत Carl Pei ने हर साल 10 करोड़ स्मार्टफोन बेचने का लक्ष्य सामने रखा है।
Nothing अपनी भारत रणनीति को एक कदम और आगे ले जा रहा है। कंपनी अब अपनी सब-ब्रांड CMF को एक अलग कंपनी बना रही है, जिसमें बहुमत हिस्सेदारी भारतीय शेयरधारकों के पास होगी। Nothing के CEO Carl Pei ने कंफर्म किया है कि CMF का मुख्यालय भारत में ही रहेगा, और इसकी अपनी लोकल टीम के साथ रिसर्च एंड डेवलपमेंट यूनिट भी यहीं से काम करेगी।
Nothing की हिस्सेदारी इस कंपनी में आगे भी बनी रहेगी, लेकिन अब उसकी भूमिका बदलकर एक शेयरधारक और पार्टनर की हो जाएगी।
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CMF की भारत योजनाएँ अब और साफ हुईं
CMF को लेकर ये योजना पहली बार सितंबर 2025 में सामने आई थी, जब Nothing ने कहा था कि ये ब्रांड एक स्वतंत्र कंपनी बनेगा और इसका मुख्यालय भारत में होगा। ताज़ा एलान उसी योजना को आगे बढ़ाता है।
इस बार नई बात मालिकाना ढांचे को लेकर है। Pei ने अब कंफर्म किया है कि CMF में बहुमत हिस्सेदारी भारतीय शेयरधारकों के पास रहेगी, वहीँ Nothing के पास अल्पमत हिस्सेदारी रहेगी और वो कंपनी को सहयोग देता रहेगा।
CMF अपनी इंजीनियरिंग और R&D क्षमताएँ भी भारत में ही खड़ी करेगा। Pei के अनुसार मकसद ये है कि बात सिर्फ यहाँ डिवाइस बनाने तक न रहे, बल्कि प्रोडक्ट, टेक्नोलॉजी और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी भी भारत से ही तैयार हो।
Nothing से उम्मीद की जा रही है कि वो अपनी मौजूदा इंजीनियरिंग एक्सपर्टीज़, सॉफ्टवेयर, सप्लायर रिश्तों और ग्लोबल ब्रांड ढांचे के ज़रिए CMF को सहारा देता रहेगा।
| नया ढांचा | क्या तय हुआ है |
|---|---|
| मुख्यालय | भारत |
| बहुमत हिस्सेदारी | भारतीय शेयरधारकों के पास |
| Nothing की भूमिका | अल्पमत हिस्सेदार, यानी शेयरधारक और पार्टनर |
| इंजीनियरिंग और R&D | CMF की अपनी यूनिट, भारत में |
| Nothing से मिलने वाला सहयोग | इंजीनियरिंग एक्सपर्टीज़, सॉफ्टवेयर, सप्लायर रिश्ते, ग्लोबल ब्रांड ढांचा |

‘Make in India’ से आगे, अब भारत में डेवलपमेंट भी
Pei का मानना है कि कंज़्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स में भारत का अगला मौका प्रोडक्ट डेवलपमेंट और इंजीनियरिंग में है। देश स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा हब तो बन चुका है, लेकिन इन डिवाइसों के पीछे का ज़्यादातर प्रोडक्ट डिज़ाइन और टेक्नोलॉजी अब भी बाहर से ही आती है।
कंपनी चाहती है कि आगे चलकर CMF भारत में ही ऐसे प्रोडक्ट तैयार करे, जो यहाँ के बाज़ार के साथ ग्लोबल बाज़ार के लिए भी हों। Pei ने नए ढांचे के तहत हर साल 10 करोड़ स्मार्टफोन बेचने का एक लंबा और महत्वाकांक्षी लक्ष्य भी सामने रखा है।
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Nothing भारत में पहले ही बड़ा निवेश कर चुका है
Nothing और Optiemus Electronics ने 2025 में एक मैन्युफैक्चरिंग जॉइंट वेंचर का एलान किया था, जिसके तहत तीन साल में 100 मिलियन डॉलर से ज़्यादा निवेश करने और भारत में 1,800 से ज़्यादा नौकरियाँ पैदा करने की योजना है। इस साझेदारी का मकसद भारत को Nothing और CMF, दोनों के प्रोडक्ट के लिए प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट हब बनाना है।
CMF के लिए ये ताज़ा बदलाव इससे भी बड़ा है, क्योंकि अब तक ये Nothing का किफायती सब-ब्रांड था, और अब ये ग्लोबल महत्वाकांक्षाओं के साथ भारत के नियंत्रण वाली एक कंज़्यूमर टेक्नोलॉजी कंपनी बन रहा है।

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