Google Selfie Video Sign-In – Google ने आखिरकार अकाउंट रिकवरी की उस सबसे बड़ी टेंशन पर हाथ रखा है जो सालों से करोड़ों लोगों को परेशान करती आई है, यानी पासवर्ड भूल जाना और साथ में वह फोन या ईमेल भी पास न होना जिससे अकाउंट वापस मिल सके। कंपनी ने 23 जुलाई 2026 को अपने ऑफिशियल ब्लॉग पर “selfie for sign-in” फीचर पेश किया, जो अब आपके चेहरे को ही आपकी पहचान और आखिरी भरोसे का सहारा बना देता है।
यह Google के लिए बड़ी बात इसलिए है क्योंकि अब तक रिकवरी का पूरा दारोमदार किसी बैकअप फोन या दूसरे ईमेल पर टिका रहता था। जिस पल वह चीज़ भी हाथ से निकल जाती, यूज़र्स अपने ही अकाउंट से हमेशा के लिए बाहर हो सकते थे। सेल्फी वीडियो इसी कमज़ोर कड़ी को भरता है और आपको खुद अपनी पहचान का सबूत बना देता है।
Google अपने ब्लॉग में लिखता है, “हम आपके वीडियो को आपकी सेव की गई सेल्फी से मिलाते हैं, और यह पक्का करने के लिए कि वीडियो लाइव है, आपसे कुछ आसान हरकतें कराते हैं।”
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Google Selfie Video Sign-In फीचर कैसे करता है काम
Google Selfie Video Sign-In फीचर को इस्तेमाल करने के लिए पहले एक बार सेटअप करना होता है। आप Google अकाउंट की Security सेटिंग में जाकर कैमरे के सामने हल्का सिर हिलाने जैसे कुछ इशारे करते हैं, जिससे आपके चेहरे के कई एंगल एक रेफरेंस वीडियो में सेव हो जाते हैं। जिस डिवाइस में कैमरा नहीं है, वहाँ QR कोड के ज़रिए यह काम दूसरे फोन पर हो सकता है। बाद में जब आप लॉक हो जाएँ, तो Google उसी वक्त एक नया वीडियो बनवाकर उसे सेव वाले से मिलाता है, और स्थिर पासवर्ड या OTP के बजाय लाइव हरकतें माँगता है, ताकि कोई फोटो या पुरानी रिकॉर्डिंग दिखाकर आपकी जगह न ले सके।

इसका आपके लिए क्या मतलब है
यह Google के उसी पासवर्ड-मुक्त सफर का हिस्सा है जो पासकी के साथ शुरू हुआ था, जहाँ कंपनी धीरे-धीरे पासवर्ड पर निर्भरता घटाती आ रही है। फर्क सिर्फ इतना है कि पासकी जहाँ रोज़मर्रा के लॉग-इन को आसान बनाती है, वहीं सेल्फी वीडियो खास उस मुश्किल घड़ी के लिए है जब बाकी सारे रास्ते बंद हो चुके हों।
कितना सुरक्षित है, और क्या अभी साफ नहीं है
सुरक्षा के मोर्चे पर Google का कहना है कि उसने नकली फोटो और डीपफेक वीडियो को रोकने के लिए लाइवनेस डिटेक्शन समेत कई परतें लगाई हैं। आपका वीडियो एन्क्रिप्टेड रूप में स्टोर होता है, इसका इस्तेमाल सिर्फ साइन-इन के लिए होता है, और आप इसे कभी भी डिलीट कर सकते हैं, हालाँकि कंपनी सुरक्षा कारणों से इसे थोड़े समय अपने पास रख सकती है।
जो अभी साफ नहीं है, वह यह कि असल दुनिया में यह लाइवनेस सिस्टम लगातार बेहतर होते डीपफेक के सामने कितना मज़बूत साबित होगा। इसका सही अंदाज़ा तब लगेगा जब यह फीचर बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुँचेगा। फिलहाल यह दुनियाभर के पर्सनल अकाउंट पर धीरे-धीरे आ रहा है, पर Workspace, बच्चों के और Advanced Protection वाले अकाउंट इससे बाहर हैं, और अपनी पात्रता आप g.co/signin-selfie पर चेक कर सकते हैं। जिन्हें अपना चेहरा नहीं देना, उनके लिए रिकवरी ईमेल, फोन नंबर, पासकी और बैकअप कोड जैसे विकल्प पहले की तरह मौजूद रहेंगे।
फिर भी कागज़ पर Google का होमवर्क मज़बूत दिखता है, उसने सहूलियत और प्राइवेसी, दोनों को साथ लेकर चलने की कोशिश की है।

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